Mining Engineering

माइनिंग

भारत खनिज संपदाओं के लिए प्राचीन समय से ही प्रसिद्ध है। यहां आज भी अपार खनिज संपदा का भंडार है। इस क्षेत्र मे युवा बेहतर कैरियर निर्माण कर सकते हैं। बशर्ते आपकी इस क्षेत्र मे रूचि होनी चाहिए। क्यूंकि किसी भी काम मे सफल होने के लिये प्रथम प्राथमिकता आपकी उस क्षेत्र मे रूचि का होना है।

अगर आप खनिज क्षेत्र मे कैरियर बनाना चाहते हैं तो वर्तमान समय मे माइनिंग इंजीनियरिंग एक बढिया प्लेटफार्म है। सबसे पहले यह जान लेना आवश्यक है कि माइनिंग इंजीनियरिंग है क्या ? माइनिंग इंजीनियरिंग का सीधा सा अर्थ है कि खनिज पेट्रोलियम तथा अन्य भूगर्भीय पदार्थ का विशेषज्ञ होना। माइनिंग का मतलब खनिज से होता है। जमीन के अंदर बाहर जो खनिज पदार्थ पाया जाता है। उसकी विशेषज्ञता होने पर आप इस क्षेत्र मे अपने देश की संपदा का संरक्षण करने के साथ साथ आयात, निर्यात और विनिमय से अपार धन अर्जित कर सकते हैं।

इस क्षेत्र मे सरकारी और प्राइवेट दोनो ही सेक्टर मे सेवा दे सकते हैं । किंतु इसके लिए आपको माइनिंग में किसी भी अच्छे संस्थान से कोर्स करना होता है.

इंजीनियरिंग कोर्स

  • Diploma in Mining Engineering – दसवीं के बाद तीन साल का कोर्स, इससे आप जूनियर इंजीनियर बनते हैं.
  • B.Tech in Mining Engineering – HSC (PCM) या बारहवीं परीक्षा भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र एवं गणित विषय से उत्तीर्ण करने के बाद बी.टेक. (माइनिंग)  या बी.ई. (माइनिंग) चार साल का कोर्स है
  • B.Sc. in Mining Engineering – बीएससी (माइनिंग इंजीनियरिंग) – HSC (PCM) के बाद तीन साल का कोर्स

इसके पश्चात इसी क्षेत्र मे मास्टर डिग्री भी ले सकते हैं।

कुल मिलाकर कैरियर के लिए यह एक क्षेत्र बहुत सर्वसुलभ है। इस क्षेत्र मे आप ट्रैवलिंग का आनंद उठाते हुए प्रकृति से भी जुड़े रहेगें। मतलब पैसा कमाने के साथ घूम फिरकर समाज की आबोहवा और पर्यावरण के लिए उत्तम कार्य करके एक अच्छे नागरिक होने के कर्तव्य का निर्वहन भी करते रहेगें।

किसी भी देश के युवाओं मे शैक्षिक गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए। भारत युवाओं का देश है। यहाँ के युवाओं के लिए अपार संभावनाए हैं। किंतु अगर कहीं कुछ कमी रह जाती है तो वह एक उचित मार्गदर्शन, counseling और उचित समय पर सही निर्णय न लेने पाने की ।


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काउंसलर  : सौरभ द्विवेदी